Sunday, 3 September 2017

साधुस्वभाव इव



😄😅
महिलाह्यः आदिनं सर्वयोजनी नासीत्।
सखीतदानीं त्वं किमकरोः?
महिलाकिं कुर्याम्? दिनं यावत् पत्या सँल्लपन्ती अयापयम्। सः साधुस्वभाव इव दृष्टः।
😂😅
महिला-- कल दिन भर नेट ही नहीं चला..
सहेली-- ओह !! फिर तूने क्या किया?
महिला-- कुछ नहीं क्या करती? पूरा दिन पति से बातें कर के निकाला । अच्छा आदमी लगा रे स्वभाव से..
😂😄

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